तेनु जोगी दे लड लावा

पारंपरिक
माँ गंगा भजन बाबा बालक नाथ भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

तेनु जोगी दे लड लावा ओह हंकारेया मना,

चल गुफा ते लेके जावा ओह हंकारेया मना,

ओथे मना तू कपड़ा हॉवे,

तेनु केंची न क्टावा ओह हंकारेया मना,

आगे मना तू लकड़ी हॉवे,

तनु आरे नाल चिरावा ओह हंकारेया मना,

आगे मना तू मैला होया,

पिरती वांग तू मैला होया

तू भी चरण गंगा लवावा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।