मेरी मैया के दर पे आज

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी मैया के दर पे आज भंडारा भज गया रे,

मेरी मैया शेरावाली दुर्गा काली दुर्गा काली,

तेरे भक्त करे जय जय कार भंडारा भज गया रे,

भक्त तेरा आया द्वारे मैया तुझको आज सवारे,

और ताली भजाये बार बार भंडारा भज गया रे,

तेरे लाल है तेरे सहारे माँ ने बिगड़े काज सवारे,

आज रखना माँ मेरी लाज भंडारा भज गया रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।