आन है शान है जान है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आन है शान है जान है मेरे प्रभु राम,

आन है शान है हिन्दुओ की शान है,

एकता अखंडता शान्ति का नाम है,

याहा राम नाम वही होते हनुमान है,

बोलो जय श्री राम बोलो जय जय श्री राम,

जय श्री राम जय वीर हनुमान की,

आन है शान है ........

धरती आकाश में गूंजे वो नाम है,

वीरो के शौर्ये में वास्ते मेरे राम है,

भारत की शान्ति अमन का जो नाम है,

जय श्री राम जय वीर हनुमान की,

आन है शान है ..

संतो के भगवा और भजनो में राम है,

बुराई के अंत में ध्वजा में राम है,

शेर की दहाड़ में गूंजे जो नाम है,

जय श्री राम जय वीर हनुमान की,

आन है शान है ..

हवा आग जल में कण कण में वसे राम है

अस्त्र शश्र वाहन का तिलक मेरे राम है

सुनाये से अंत तक वस्ते मेरे राम है,

जय श्री राम जय वीर हनुमान की,

आन है शान है ..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।