भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

चली कांवड़ियों की टोली, सब भोले के हमजोली

गौमुख से गंगाजल वो लाने वाले हैं,

भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं

सब अलग अलग शहरों से चलकर आते हैं,

कंधे पे उठा के कावड़ दौड़े जाते है ।

है कठिन डगर पर ये ना, रुकने वाले हैं,

भोले के कावड़िया...

कोई भांग धतूरा बेल की पत्रि लाए है,

कोई दूध दही मलमल के तिलक लगाए हैं ।

यह सब मस्तानी शिव के, चाहने वाले हैं,

भोले के कावड़िया...

‘नोधी’ जिद्द छोड़ो कावड़ आप उठा भी लो,

संघ ‘लव’ के शिव भोले की महिमा गावी लो ।

‘सनी’ ‘दीपक’ भी साथ ही जाने वाले हैं

भोले के कावड़िया...

Singer: Love Raj Atwal. 9872162982

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।