राम राज रहा है और राम राज रहेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम राज रहा है और राम राज रहेगा,

भगवा रंग चढ़ा है और भगवा रंग चढ़ेगा,

राम जी के भक्त हम चले सीना तान के,

तू ही मेरा राम है तू ही मेरा श्याम है,

राम राज रहा है और राम राज रहेगा,

वीरो के वीर निकले है राम काज करने को निकले है,

मन में उमंग और दिल में तरंग है,

इन्हे न रोकना ये हुडदंग है,

डरते नहीं हम किसी काम से

हनुमत भी है भक्त श्री राम के,

उस से जुड़ा मेरा हर काम रे,

लेके रहेंगे तेरा हर धाम रे,

राम राज रहा है और राम राज रहेगा,

राम जी की निकली सवारी है साथ में लिए भगवा धारी है,

साथ में लिए भगवा धारी है चलते रहे हम न रुके,

हम तो इनके आभारी है तेरा कर्म तेरा धर्म रहते तेरे चरणों पे हम,

राम नाम लेने से न कोई रोके न कोई डाले इस में भरम,

राम राज रहा है और राम राज रहेगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।