नंबर १ माँ पुरना हमारी है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैंने देखा तूने देखा इसने देखा उस ने देखा सब ने देखा

क्या देखा क्या देखा,

नंबर १ माँ पुरना हमारी है

मैंने देखा तूने देखा इसने देखा उस ने देखा सब ने देखा

क्या देखा क्या देखा,

मेरी मैया सॉरी दुनिया से न्यारी है,

मेला नवराते को आता आते लाखो नर नारी,

माता की रेहमत जो बरसे दूर हो विपदा सारी,

जो भी हाथ ध्वजा ले आये दर इनके सिर को झुकाये,

संकट से देवी बचाये,

मैं ही नहीं तू ही नहीं क्या ये अम्बर क्या ये जमीन बोले सभी,

क्या बोले क्या बोले,मेरी मैया करे सिंह सवारी है,

पुरना गिरी के दर्शन से पाप सभी कट जाए,

हर वो प्राणी हॉवे सुखी जो अर्जी आके लगाए,

मेरी मैया जग कल्याणी माँ आंबे आधी भवानी

सारी दुनिया इनकी दीवानी हां दीवानी,

याहा देखा वहां देखा मैंने सारा जहां देखा तभी जाना क्या जाना,

माँ की शक्ति पड़े दुश्मन पे भारी है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।