मेरी सुन लो मारुती नंदन काटो मेरे दुःख के बंधन

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरी सुन लो मारुती नंदन, काटो मेरे दुःख के बंधन,

हे महाबीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुःख भंजन ।

मुझ पर भी करुणा करना मैं आया शरण तिहारी,

मैं जोड़े हाँथ खड़ा हूँ तेरे दर का बना भिखारी ।

तुम सबसे बड़े भंडारी मैं पानी तुम हो चन्दन,

हे महाबीर बजरंगी तुम्हे कहते है दुःख भंजन ॥

तेरा नाम बड़ा दुनिया में, सब तेरा ही गुण गए,

इस जग के सब नर नारी चरणों में शीश नवाये ।

करो भाव से पार मुझे भी, हे बाबा संकट मोचन,

हे महाबीर बजरंगी तुम्हे कहते है दुःख भंजन ॥

मैंने तेरी आश लगायी, बाबा हनुमान गोसाई,

जब भीड़ पड़ी भक्तो पे तूने ही करी सहाई ।

भक्तो ने करी दुहाई प्रभु दीजो मोहे दर्शन,

हे महाबीर बजरंगी तुम्हे कहते है दुःख भंजन ॥

पोस्ट किया :- अनिल मिश्रा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
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