हो रही है जग संसार में जीवन और मृत्यु में जंग

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हो रही है जग संसार में, जीवन और मृत्यु में जंग ,

कोरोना वायरस कर रहा है, मानव जाति को तंग ,

पृथ्वी पर मानव जीवन की डोर, अब हो रही तार तार है ,

हे संकटमोचन हनुमान, बस हमें अब आपका इंतजार है ,

हे महावीर मारुति, संजीवनी लेकर आप कब आएंगे ,

संजीवनी हमें ना मिली तो, हम सभी कैसे बच पाएंगे ,

वादा है श्रीराम से आपका, दुःखियों के कष्ट हरने आएंगे,

विश्वास हैं हमें, निश्चित ही आप अपना वादा निभाएंगे ,

श्रीराम जी के भरोसे ही, जी रहा यह सारा जग संसार है,

मेरे राम जी को सदा ही, हर मानव, हर जीव से प्यार है ,

हे प्रभु मन में दो ऐसा विश्वास, कि मन कभी ना घबराए ,

हे राम दे दो पवनपुत्र को आज्ञा, कि वे पवनवेग से आएं ,

आप के होते, कहीं हम यह युद्ध, कोरोना से हार ना जाएं,

कोरोना विषाणु, अपने विष से, हम सभी को मार ना जाए,

जय श्री राम !! महावीर पवनपुत्र हनुमान की जय ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।