मेरे डमरू वाले बाबा तेरी जय जय कार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे डमरू वाले बाबा ,तेरी जय जय कार

मेरे नागो वाले बाबा , तेरी जय जय कार

तेरी जय जय कार, तेरी जय जय कार..

मेरे डमरू वाले बाबा..

शिव दया की मूर्त ,तेरी जय जय कार

शिव भोली है सूरत, तेरी जय जय कार

मेरे जग के पालनहार बाबा, तेरी जय जय कार

मेरे डमरू वाले बाबा..

शिव चन्दा है माथे, तेरी जय जय कार...

शिव गंगा है जटा मे, तेरी जय जय कार...

शिव रूप ऐसा बनाया, तेरी जय जय कार

मेरे डमरू वाले बाबा..

शिव नंदी सवारी, तेरी जय जय कार

शिव कंठविश धारी, तेरी जय जय कार

गल सर्पा दा हार पाया, तेरी जय जय कार

मेरे डमरू वाले बाबा ..

शिव भक्तों का प्यारा , तेरी जय जय कार

शिव जग का सहारा , तेरी जय जय कार

रोहित तेरा गुण गावे , तेरी जय जय कार।

मेरे डमरू वाले बाबा तेरी जय जय कार,

WRITTEN BY

ROHIT JAIN (PUNJAB)

POSTED DATE 30-03-2020

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।