मेरी सुनले करुण पुकार ओ शीश के दानी

सुनील गुप्ता 'सोनू'
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी सुनले करुण पुकार ओ शीश के दानी ,

ये हैं अंसुवन की धार, ना समझ तू पानी ,

मेरी सुनले करुण पुकार ओ शीश के दानी ।

जितने बहेंगे आंसू तेरे लिए सांवरे,

कर्ज चढ़ेगा तुझपे उतना ही जानले,

कीमत हर आंसू की पड़ती है चुकानी,

मेरी सुनले करुण पुकार ओ शीश के दानी ।

यहां भीगे पलके मेरी वहाँ मुस्कुराये तू ,

भगतों के दिल को बाबा और क्यूँ जलाये तू ,

क्या इसी को कहते हैं प्रभु प्रीत निभानी,

मेरी सुनले करुण पुकार ओ शीश के दानी ।

माना के ये आंसू ‘सोनू’ होते बेजुबान हैं,

लेकिन ये हाल दिल का करते बयान हैं,

पत्थर को गला देता ये खारा पानी,

मेरी सुनले करुण पुकार ओ शीश के दानी ।

भजन गायक - मधुकर

गीतकार - सुनील गुप्ता 'सोनू'

अभिनय - सौरभ

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।