आजो खाली झोली भर लो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

श्रद्धा और यकीन से भगतो माँ की ज्योत जगाई,

आज लादले भक्त के घर में मात वैष्णो आई,

तन मन अर्पण करके कष्ट सभी तुम हर लो,

आजो खाली झोली भर लो आके माँ के दर्शन करलो

मन मंदिर में माँ ममता का ऐसा फूल खिलेगा

श्रद्धा भगति जितनी होगी उतना प्यार मिलेगा

प्रेम से आओ माँ चरणों में अपना मस्तक धर लो

आजो खाली झोली भर लो आके माँ के दर्शन करलो

उसकी रेहमत से दिखती है दुनिया में रमामि ,

सब कुछ देने वाली है एक है मात वैष्णो रानी

सारा जीवन करदो अर्पण पावन पकड़ डगर लो,

आजो खाली झोली भर लो आके माँ के दर्शन करलो

जय जय कार करो दाती की बोलो मीठी बोली,

सुना है ये जग कहता माँ को मात वैष्णो भोली,

जो कभी न सोचा होगा एसा तुम पा वर लो,

आजो खाली झोली भर लो आके माँ के दर्शन करलो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।