की मैं तुझे कितना चाहता हु

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तनु इतना मैं प्यार करा इक पल विच सो वार करा,

तू अजा मेरे सँवारे दिल से इन्तजार करा,

की जूठी दुनिया छोड़ दी है के तुझपे ये साँस आके रुके,

की मैं तुझे कितना चाहता हु के तू कभी सोच न सके

कुछ भी नहीं है बिन तेरे श्याम,

तू ही तो मेरी जिंदगी,

अब तो बुलाले सँवारे खाटू सफर है आखिरी,

के तेरे बिन जीना मुंकिन नहीं,

ना करना तू दूर मुझे कभी,

मैं तुझे कितना चाहता हु के तू कभी सोच न सके

आखो में तू ही सँवारे नींदो में तू ही श्याम मेरे,

सोच के तुझे ही सँवारे चेहरे से नूर न हटे,

के जय के सपनो में तू आये के आकर मुझको कह जाए,

मैं तुझे कितना चाहता हु के तू कभी सोच न सके

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।