उची ते सुच्ची तेरी शान शेरावालिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

उची ते सुच्ची तेरी शान शेरावालिये,

तांहिओ तेनू कहन्दे ने महान शेरांवालीऐ,

भगतां दे कोलो माँ तू रखदी न दूरियां,

तेरे भगतां नूँ मायें की ने मजबूरियां,

सब दे दिलां दी लवें जान शेरांवालीऐ....

जे मैं हाल दाती तेनू दिल दा सुनाया ऐ,

मंगिया जो तैथों माँ तूँ झोली विच पाया ऐ,

तोडिया कदे न साडा मान शेरांवालीऐ....

सारे संसार विच तेरी जै जै कर माँ,

जलंधरी संदीप चहुँदा चरणां द प्यार माँ,

सारा जग गाऊँदा गुणगान शेरांवालीऐ....

Pandit Dev शर्मा

7589218797

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।