सबसे ही प्रथमे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

दोहा - पहले गणपति पूज के पाछे करिये काज,

बीच सभा में बैठयां मेरी पत रखियों महाराज,

सबसे ही प्रथ में, सारे जगत में ॥

तेरी पूजा होरियाँ ,

गणपति बप्पा मोरियां.॥

पिता पुरूष तेरा, शंकर कहावे,

गौरीजा तेरी माता कहावे ॥

गोदी उठाके, लाड़ लड़ाके ॥

देवे तुझको लोरियाँ,

गणपति बप्पा मोरिया......

ब्रह्मा, विष्णु, महेश ध्यावे,

सबसे पहले नाम तेरा आवे ॥

गज मुख दाता, सबके विधाता ॥

जग पे कृपा तोरिया,

गणपति बप्पा मोरिया......

देव पुजारी पूजा, करे करे पल पल जी,

जीवन पखेरू शायद होवे न कल जी ॥

तेरे ही बच्चों की, अकलों के कच्चों की ॥

तेरे ही हथ में डोरियाँ,

गणपति बप्पा मोरिया.........

Pandit Dev Sharma

7589218797

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।