कभी सुख है कभी दुःख है वक़्त का ये तराना है

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कभी सुख है कभी दुःख है वक़्त का ये तराना है,

शक्ति देना हमे बाबा गमो में मुस्कुराना है,

सफर ये है बड़ा मुश्किल साई एहसान कर देना,

पाँव कांटे चुभे जब जब साई मुस्कान भर देना ,

ना हारु हार कर खुद मैं सफर आगे बढ़ाना है ,

नेकियों के मुबारक रास्तो पे चलते जाना है,

कभी सुख है कभी दुःख है वक़्त का ये तराना है,

कभी न रूठना हमसे आबरू आ बचा लेना,

आप को भूल से भूले तो भी बाबा निभा लेना,

बलि से दूर हो कर आप को दिल में वसा न है,

शिरडी के रस्ते चल कर साई के द्वार जाना है

कभी सुख है कभी दुःख है वक़्त का ये तराना है,

नाथ जब साथ तुम होंगे छ्ल कपट दूर सब होंगे,

चाँद तारो से जीवन में हजारो नूर सब होंगे ,

सूखा कर मौज नफरत की प्यार साई का पाना है,

अँधेरे आप की भगति से जीवन के मिटाना है,

कभी सुख है कभी दुःख है वक़्त का ये तराना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।