गोकुल में आप आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज आये हो मेरी जिंदगी में तुम

गोकुल में आप आये वादे हजार करके

तुम चलदिए कहा को२ दिल बेकरार करके

यशोदा के नंद लाला। संग सोहे गवाल वाला

कही दिल ये नही लगता। जादू ये क्या कर डाला

पागल मैं बन गयी हु। तेरी प्रेम की विरह में

हमको भी लिए जाना2 तुम श्याम अपने संग में

गैईया है सारी रोती। गोकुल की गली सुना

ग्वालिन बिकल पड़ी है। दहिया कोई मथेना

सुख चैन लिए जाते तुम श्याम अपने संग में।

हमको भी लिए जाना2 तुम श्याम अपने संग में

मुरली की धुन सुना के। मनको लुभा लिया तु

आंखें मिलाके अपनी। आंखें चुरा लिया क्यु

हम श्याम बन गए है। दीवाना इस नगर में।

हमको भी लिए जाना2 तुम श्याम अपने संग में

जो जारहे हो मोहन। वादा तो करते जाना

मथुरा का काम करके। जल्दी से लौट आना

बसना तू आके कान्हा। (प्यासा) के सुने मनम

हमको भी लिए जाना2 तुम श्याम अपने संग में

हेमकांत झा प्यासा

9831228059

8789219298

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।