गौरी लाल सब नू निहाल कर

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गौरी लाल सब नूँ निहाल कर दिंदा ऐ,

हल सारे दिलां दे सवाल कर दिंदा ऐ,

सारेया तों पहला सारे पूजा ऐहदी करदे,

हत्थ जोड़ दोवें सिर चरणां च धरदे,

पा के झोली विच खैरा, मालामाल कर दिंदा ऐ.....

श्रद्धा दे नाल जेहड़ा एसनू ध्याउंदा ऐ,

लडुयाँ दा भोग गणपति नूँ लगाउँदा ऐ,

दे के खुशियां सदां लाई, खुशहाल कर दिंदा ऐ.....

मैं कमली कोजी, जिसे कम न जोगी,

आन डिग्गी दर तेरे,

सबनां गल्लां दा मालिक तुहियों, सबै ऐब छुपा लई मेरे

गौरीलाल रखे सदां लाज है देव दी,

बदल है दित्ती रेखा मंदडे नसीब दी,

तू दुखां ते मुसीबतां दी टाल कर दिंदा ऐ.....

Pandit dev Sharma

7589218797

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।