मैया जी मुझे भोले के दरश करा दो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

भोले के दरश करा दे ओ मैया

शंकर जी से मिलवा दे ओ मैया

भोले के दरश करा दे

आप भी आना संग गणपति को लाना

कार्तिक जी से भी मिलवाना

ऐसी कृपा बरस दे, ओ मैया

मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

पञ्च तत्व अभिषेक कराऊँ

पंचाक्षर पद शिव को रिझाऊं

सेवा शिव की दिला दे, ओ मैया

मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

सुन्दर प्यारा रूप निराला

सब के मन को मोहने वाला

बैठा भस्म रमा के, ओ मैया

मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

नीलकंठ कैलाश के वासी

घट घट में है वो अविनाशी

मन मंदिर में बिठवा दे, ओ मैया

मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

जनम जनम से भटक रहा हु

इक दीदार को तरस रहा हु

एक झलक दिखवा दे, ओ मैया

मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।