यमुना किनारे मेरो गांव सँवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यमुना किनारे मेरो गांव सँवारे आई जइयो,

जो कान्हा मेरा गांव न जाने,

बरसानो मेरो गांव सँवारे आई जइयो,

यमुना किनारे मेरी ऊंची हवेली,

बैठक आलिशान सँवारे आई जइयो,

मैं मेहलन की राज कुमारी,

पिता मेरे बिश्बान सँवारे आई जइयो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।