कन्हैया नंद के प्यारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज। सुहानी चांदनी रातें।

कन्हैया नंद के प्यारे। तुम्हारी याद आती है

यशोदा नैन के तारे। तुम्हारी याद आती है

मटुकिया तोड़ते फिरना। चुराना नित्य माखन का

बुलाना गोपियों को और। रचाना रास कुंजन का

तरसते नैन बेचारे। तुम्हारी याद आती है।

कन्हैया नंद।।।।।

तुम्हारी याद में रातें। हमे सोने नही देती

तुम्हे पाने नही देती। तुम्हे खोने नही देती

झलक एकबार दिखलाजा। तुम्हारी याद आती है।

कन्हैया नंद।।।।।

बखाने क्यों तू ऐ (प्यासा)। बिरह की दुख भरी बातें

ना दिनको चैन है नातो। गुजरती चैन से रातें

मरे हम श्याम बिन मारे। तुम्हारी याद आती है।

कन्हैया नंद।।।।।।

हेमकांत झा प्यासा

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।