जद जद भी म्हापे आवे मुसीबत बाबा श्याम जी

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जद जद भी म्हापे आवे मुसीबत बाबा श्याम जी

आवे मुसीबत बाबा श्याम जी, आवे कोई संकट बाबा श्याम जी...

म्हे दौड़ा दौड़ा आवा हाँ थारे खाटू धाम जी ।

कलयुग मै घर-घर के माहि केवल यो ही चर्चो है,

खाटू वालो श्याम धनि ही साँचो देवे पर्चो है ।

पल भर में बनावे भगतां का सारा बिगड़ा काम जी ।

थारी मोरछड़ी को या सारी दुनिया गुणगान करे ,

मोरछड़ी कै आगे थाने झुक-झुक कर प्रणाम करे ।

या जादूगारी मुर्दा में भी फूंकै है प्राण जी ।

थारे होते म्हारो कोई बाल ना बांको कर पावे ,

सोनू थारे नाम जपां ही सारा संकट कट जावे ।

देख्यो ना कोई थारे जिसो तो देव महान जी ।

आवे मुसीबत बाबा श्याम जी, आवे कोई संकट बाबा श्याम जी ..

म्हे दौड़ा दौड़ा आवा हाँ थारे खाटू धाम जी ।

जद जद भी म्हापे आवे मुसीबत बाबा श्याम जी

आवे मुसीबत बाबा श्याम जी , आवे कोई संकट बाबा श्याम जी ..

म्हे दौड़ा दौड़ा आवा हाँ थारे खाटू धाम जी ।

म्हे तो भाग्या भाग्या आवां हाँ थारे खाटू धाम जी ।

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता - सुनील गुप्ता " सोनू "

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।