रामदूत महावीर हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

रामदूत महावीर हनुमान स्वीकारो मेरे कोटि प्रणाम,

आस लगी तोरी किरपा निदान दया करो प्रभु दया निदान,

चरणों में बैठे है तुम्हरे अर्चन वंदन करते है,

अक्षत चंदन धुप दीप से हम अभिनन्दन करते है,

अवगुण मेरे न धरियो ध्यान स्वीकारो मेरे कोटि प्रणाम,

लोब मोह मद काम के दानव मन में चुप के बैठे है

प्रभु भी भगति न होने देते मन को चंचल करते है,

रक्षा करो इनसे हनुमान स्वीकारो मेरे कोटि प्रणाम,

अष्ट सीधी नव निधि के दाता सदा सहाई हो दुखियो के,

राम से नाता बना जो सबका भगये जगा दो प्रभु भगतो के,

भगति की ज्योति जले अविराम स्वीकारो मेरे कोटि प्रणाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।