लाल लाल चुनरी सितारों वाली

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लाल लाल चुनरी सितारों वाली जिसे ओड कर आई है माँ शेरावाली,

जिसको बर्मा ने बनाया जिसको विष्णु ने सजाया,

जिसको भोले ने रंग में रंग डाली,

लाल लाल चुनरी सितारों वाली

रंग चुनरी का शक्ति अपर देता,

पाप मन में वसे इसको मार देता,

इस ने सारी अला बला भगतो की टाली,

लाल लाल चुनरी सितारों वाली

इस के कोने मे रिधि सीधी रहती है,

शुभ और लाभ भगतो को देती है,

भगतो के मन को ये रिजाने वाली,

जिसे ओड कर आई है माँ शेरावाली

लाल लाल चुनरी सितारों वाली

माँ के सिर पे चुनरी सुहानी लगती,

सारी दुनिया है इसकी दीवानी लगती,

दुःख के बादल दूर ये बगाने वाली ,

जिसे ओड कर आई है माँ शेरावाली

लाल लाल चुनरी सितारों वाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।