मैं फ़िक्र करा क्यों दुनिया दी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं फ़िक्र करा क्यों दुनिया दी मेरी फ़िक्र करे कलिका माँ,

मैं लाडला कलिका मैया दा मैं लाड लड़ावे कलिका माँ,

मैं फ़िक्र करा क्यों दुनिया दी मेरी फ़िक्र करे कलिका माँ,

आज रात सब नच्दे गाउँदे माँ दे दीवाने मदहोश हुए,

भगति च माँ दी हो कर सब ने माँ दी भगति दे जाम पिए,

मस्ती च सब मस्ताने हो के भक्त तेरे झूम दे माँ,

मैं फ़िक्र करा क्यों दुनिया दी मेरी फ़िक्र करे कलिका माँ,

आज माँ कालिका घर मेरे आई माँ न खूब रोजाना है,

खली झोली भर ले जाओ वंड दी खोल खजाना है,

मैया जी किते होर नहीं जाना ये हर है तेरे मिन्ता दा माँ,

मैं फ़िक्र करा क्यों दुनिया दी मेरी फ़िक्र करे कलिका माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।