जागो पहाड़ां वाली तेरा जागण वेला होया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जागो पहाड़ां वाली तेरा जागण वेला होया

जागो गोरा माई तेरा जागण वेला होया

जागण चिड़िया जागे माई ज्वाल्पा

जागे जगमग ज्योत माँ तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

नगरकोट महरानी जागो

जागो ज्वाला माई तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

गुण गांवा ललिता जी जागो

जागो झंडेवाली माई तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती जागो

जाग रही माँ काली तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

जागो जीण माता असावरा जागो

जागो जोगमाया माई तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

जागो मनसा देवी नैना देवी जागो

जागो कंवलका माई तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

जागो जगदम्बा जागो जोगणिया

जागो संतोषी माई तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

जागो माई शारदा कामख्या जागो

जागो चामुण्डा माई तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

जागो विंध्यवासिनी कैला मैया जागो

जागो नारायणी माई तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।