॥ पावन पाठ ॥
मेरी माँ दा बुलावा आया सब न नु दर ते बुलाया मौका हर पासे लाया,
भगता चल चलिये ओह भगता चल चलिए,
श्रधा चावा नाल सज के जाइए माँ दे दर सजके,
सारे कम काज आज चड के,
भगता चल चलिये ओह भगता चल चलिए,
माँ दे दर दे रंग न्यारे झुल्दे झंडे लाल प्यारे,
जदो माँ दे लगन कटारे
भगता चल चलिये ओह भगता चल चलिए,
देखि विक्की खंड वांगु जाके विका लाडले दे वांगु पाके.
सब तर गए दर आके,
भगता चल चलिये ओह भगता चल चलिए,