खूब तेरा रूप ठाकुर खूब तेरे वायदे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खूब तेरा रूप ठाकुर खूब तेरे वायदे

क्यों ना निहाल करो दरश दिखाईके

तेरे कारन चली मैं तो जगत हसायके

ढुंढत फिरू मैं कहा रहे हो छुपायके

निशंक लियो री मैंने तन मन वार के

कलना पड़ेगी प्रभु बिना देखे आपके

तन मन की जानो सब कहूँ क्या बनाइके

निसदिन राखूं तोहे नयनो में छुपायके

मेहर करोनि लेवो कंठ लगायके

श्री राधा संग दर्शन देवो सत्संग में आयके

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।