जो तुमको भूल जाए वो दिल कहां से लाऊं

विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो तुमको भूल जाए, वो दिल कहां से लाऊं

दिल है तो दिल में क्या है, कैसे तुम्हे बताऊँ

मेरे दिल का राज़ गम है, तू है बेनेयाज़ गम से

तुझे अपने दर्दे दिल की क्या दासता सुनाऊं

नहीं अब रहा भरोसा मदहोश जिंदगी का

तेरी याद के नशे में कहीं राह में गिर ना जाऊं

मेरे दिल की बेबसी में अरमान थक गएँ हैं

तेरी राह पे नज़र है अब और चल ना पाऊं

मुझे याद तुम हो लेकिन, मुझे याद भी है अपनी

कभी यूँ भी याद आओ, के मैं खुद को भूल जाऊं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।