माँ ने कर दिया माला माल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मुझे कर दिया माला माल , जय हो मईया की

जय जय बोलो मईया की , माँ वैष्णो रानी मईया की

दिया जितनी न औकात , जय हो मईया की

मुझे कर दिया माला माल , जय हो मईया की

काठी बंगला गाड़ी दे दी कारोबार दिया है

दौलत शौहरत दी संग में अच्छा परिवार दिया है

जय हो मईया की , जय जय बोलो मईया की

मुझे कर दिया माला माल , जय हो मईया की

सारे जग में धूम मची है चर्चे दुनिया भर में

मात पिता के रूप में मईया , तू ही है घर घर में

जय हो मईया की , जय जय बोलो मईया की

मुझे कर दिया माला माल , जय हो मईया की

कलकत्ते में काली तू , जम्मू में पहाड़ो वाली

गुड़गावा में शीतला रानी , शीतल करने वाली

जय हो मईया की , जय जय बोलो मईया की

मुझे कर दिया माला माल , जय हो मईया की

आंधी तुफानो में मोहन कौशिक , हार न होती

हरीश कभी दुख की घड़ियां , माँ को स्वीकार ना होती

जय हो मईया की , जय जय बोलो मईया की

मुझे कर दिया माला माल , जय हो मईया की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।