दर आए ने सवाली बूहे खोल दे मां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खोल दे भवानी बूहे खोल दे भवानी

खोल दे भवानी बूहे खोल दे भवानी

दर आए ने सवाली बूहे खोल दे मां

बोल दे तू मूहों कुछ बोल दे मां

तेरे दर्द दे चार चफेरे, हुंदी मां रुश्नायी

नच नच के सब धूमां पांदे, भगता रौनक लायी

मैं भी हां मां तेरा सवाली, मोड़ी ना तू खाली

दर आए ने सवाली...

द्वार तेरे दी शोभा सुन के, अकबर सी मां आया

अहंकार विच आके मां, सोने दा छत्र चढ़ाया

ऐसी मां धातु दा बनाया, हुन तक समझ नहीं आया

दर आए ने सवाली...

लव सनी वी अमियें, तेरे दर दी महिमा गांदे

तेरीया भेटा गा गा के, भगता दा मन पर्चौंदे

उठदे बेंदे सोंदे पेंदे, तेरे दर्शन पांदे

दर आए ने सवाली...

Singer: Love Raj Atwal 9872162982

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।