मेरी प्यारी ओह मईया जी, दर्शन तो दे दो मां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - एक प्यार नगमा है

मेरी प्यारी ओह मईया जी, दर्शन तो दे दो मां

दर्शन को पाने को मैं तेरे दर पे आया हूं

मेरी प्यारी ओह मईया जी.....

एक आस जो लाया हूं, तेरे दर पे ओह आया हूं

दर्शन को पाने मै, विश्वास से आया हूं

एक बार तो दर्शन दो, एक झलक तो पानी है

दर्शन को पाने को, मैं तेरे दर पे आया हूं .....

तू प्यार है बच्चो का, मै तेरा ही लाल हूं मां

तू मेरी ओह मईया है, मैं तेरा ही बच्चा हूं

आंखों में बस जाओ,ये आस पुरानी है।

दर्शन को पाने मैं तेरे ........

मां तुम को आना है, दर्शन दिखलाना है

बच्चा हूं मैं तेरा मां, एक दर्श जो पाना है

एक बार तो आ जाओ मां, एक झलक दिखा जाना

दर्शन को पाने को मै तेरे दर पे आया हूं

@ Compose By -

मां का लाड़ला- ललित गेरा (झज्जर)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।