हमें नन्द नन्दन मोल लियो

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हमें नन्द नन्दन मोल लियो

मोल लियो, मोल लियो

जम की भाँति काठि मुख रायो

अभय अजात कियो

सब कोउ कहत गुलाम श्याम को

सुनत सिरात हियो

सूरदास प्रभुजू को चेरो

मैं तो जूठन खाय जियो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।