भर दो झोली साईं नाथ

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॥ पावन पाठ ॥

साईं नाथ साईं नाथ साईं नाथ

साईं नाथ साईं नाथ साईं नाथ

मेरे झर झर आंसु बहते, तुझसे साईं यह कहते

बरसों बीते दुख सहते अब सुन लो मेरी सदा

भर दो झोली भर दो झोली भर दो झोली साईं नाथ

तुम ही जल में तू ही थल में, तेरा हर रूह में बसेरा..

लाख आंधी तूफानों में, दीयों से करें सवेरा..

मैं भी फरियादी आया हूं दर्द ए गम का सताया

किस्मत ने बडा रुलाया अब सुन लो मेरी सदा

भर दो झोली...

कहे जो तू तो बंजर में, बहती गंगा की धारा..

लाख गहरा समंदर हो, डूबे ना मिले किनारा..

मुझ को अपनों ने छोडा गुरबत जिल्लत ने तोड़ा

अब तुझसे नाता जोड़ा अब सुन लो मेरी सदा

भर दो झोली...

हर जनम में संग तेरा, चाहू मैं साईं बाबा..

तू ही मथुरा तू ही काशी, तू ही है मेरा काबा..

लव राज तेरा दीवाना, चाहे रोके लाख जमाना

हर दर्द तुझे ही सुनाना अब सुन लो मेरी सदा

भर दो झोली...

Singer: Love Raj Atwal 9872162982

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।