यही सच है तू ही सच है हरे कृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुझको जाना तुझको माना,

तेरे चरणों में अपना सिर झुकाना,

वो तेरी नजर मुझे छू ले अगर,

फिर मुझको क्या है खोना क्या पाना,

फिरता रहा मैं दर बदर क्यों इतना था मैं बेखबर,

तुझसे अब दूर कैसे रहु,

आता नहीं अब मुझको कुछ नजर,

यही सच है तू ही सच है हरे कृष्णा

तेरी मुरली तेरी वो हसी कर बैठी जिस पर मैं इतवार,

तेरा बचपन तेरा यौवन हो गयी जिस पर मेरी जान निशा

तेरा होना राधा का साथ दीखता है मुझको हर जगह वो प्यार,

तू बन जाए मेरा हो जाए करने मेरे जीवन का उधार,

यही सच है तू ही सच है हरे कृष्णा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।