श्याम तेरे दर्शन में भलाई देख ली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे घर से चाली तेसं की चाली देख ली,

चडे रेल में रेल की चढ़ाई देख ली,

धकम धक्का होते लोग लुगाई देख ली ,

श्याम तेरे दर्शन में भलाई देख ली

जब रेल से उतरे रींगस रींगस से पैदल चाले,

भगता के देखे रेल तेरे भगत बड़े मतवाले,

अरे भगता के हाथा में ध्वजा उठाई देख ली,

अरे मतवाले तेरे भगता की भगताई देख ली,

अरे श्याम तेरे जय कारे के बुलवाई देख ली,

श्याम तेरे दर्शन में भलाई देख ली

तेरे श्याम कुंड में नहा के मेरा मन होगया मतवाला,

तन मन मेरा सारा धूल गया फिर मन में होया उजाला,

अरे श्याम कुंड में डुबकी जो लगाई देख ली,

अरे किस्मत खुल गई किस्मत की खुलवाई देख ली,

अरे हनुमंत के मंदिर में ज्योत जलाई देख ली,

श्याम तेरे दर्शन में भलाई देख ली

ग्यारस ने रात जगाई तेरा जी भर के गुण गाया,

बारस में खीर चूरमा लेके दरबार में आया,

जागरण में जागी थी जगाई देख ली,

अरे चूरमे की मुसर से कुटाई देख ली

अरे भगता की कतार की लम्बाई देख ली,

श्याम तेरे दर्शन में भलाई देख ली

भगता पे दया बरस ती खाटू नगरी में बाई ,

करे मनो कामना पूरी जिसने अरदास लगाई,

बेरोज घरा की होती उड़े कमाई देख ली,

अरे दुनिया गुण गाती तेरी बड़ाई देख ली,

अरे श्याम सूंदर तेरी सूरत मन ने बाई देख ली,

श्याम तेरे दर्शन में भलाई देख ली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।