पहाड़ी वाली माता हमें तेरा ही सहारा

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरा ही सहारा हमें तेरा ही सहारा,

पहाड़ी वाली माता हमें तेरा ही सहारा ।

कौन जगत में ऐसा जिसे तूने ना उबारा,

ओ कुलदेवी धणियाणी हमें तेरा ही सहारा ।

फंस कर बीच भंवर में मैंने आप को पुकारा,

ओ नेकीपुर वाली हमें तेरा ही सहारा ।

हम सेवक हैं पहाड़ी माँ के , भाग्य है हमारा,

ओ जगदम्बे भवानी हमें तेरा ही सहारा ।

तेजस हर संकट में देती मईया ही सहारा,

पहाड़ी वाली मईया हमें तेरा ही सहारा ।

कौन जगत में ऐसा जिसे तूने ना उबारा,

हे कुलदेवी धणियाणी हमें तेरा ही सहारा ।

भजन गायक - सौरभ मधुकर

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।