श्रीराम हरे श्रीराम हरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्रीराम हरे श्रीराम हरे, श्रीराम हरे श्रीराम हरे

श्यामल सुंदर सुखधाम हरे, श्रीराम हरे श्रीराम हरे

प्रभु नीलोत्पल हैं कमलनयन भक्तन मन मंदिर धाम हरे श्रीराम हरे

नियलयकांति है छँटा प्रभु की, मोहित नयनाभीराम हरे श्रीराम हरे

जन्म लिया जब अवधपुरी कहलाती पूजित धाम हरे श्रीराम हरे

दक्षिण लक्ष्मणजी शोभित हैं माँ सिया बिराजें वाम हरे, श्रीराम हरे

कोई कृष्ण कहे और केशव भी हरि के हैं हज़ारों नाम हरे

श्रीराम हरे

राम नाम का सुमरिन कर कहलाए हनुमान हरे श्रीराम हरे

प्रभु शंकर संग माँ शैल सुता गाते जय जय श्रीराम हरे श्रीराम हरे

प्रभु संग भक्तों को प्रवीण का हो स्वीकृत प्रणाम हरे श्रीराम हरे

अनंतकोटी हैं कथा तुम्हारी, भक्तन लो अब विश्राम हरे श्रीराम हरे

-प्रवीणराय

Charlotte, NC, USA

+1 980 265 3629

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।