भुलाया जो तुमने मुझे भोले शंकर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भुलाया जो तुमने मुझे भोले शंकर,

तो तुम पर हसे गा ये सारा ज़माना,

भरम रखलो मेरी भक्ति का शिव जी,

कही न बने ये प्रभु जी फ़साना,

भुलाया जो तुमने मुझे भोले शंकर,

मेरी सुबहो शाम हो तेरा नाम लेकर,

तेरे सुमिरन में गुजर ती है भोले,

तेरे नाम से ही सब की जहा पर बिगड़ी किस्मत भर्ती है भोले,

भरी झोली खाली नजर तुमने डाली,

करिश्मा भोले मुझे भी दिखाना,

भुलाया जो तुमने मुझे भोले शंकर,

सताया हुआ हु जमाने का मैं भी,

तेरे धाम का अब मुझे आसरा है,

जिसका नहीं कोई जमाने में अपना संग उसके तू ही भोले खड़ा है,

कही लड़खड़ा कर भटक मैं न जाऊ देकर सहारा तुम मुझे बचाना,

भुलाया जो तुमने मुझे भोले शंकर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।