सिंह पे सवारी करके आई मेरी माँ

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सिंह पे सवारी करके आई मेरी माँ

संग में भेरो बजरंगी चले मेरी माँ,

कलकत की काली महामाई हो,

जगजानी माँ मिलन को आई हो,

माँ चंडी देवी माँ काल भैरवी माँ,

राम कृष्ण यश गाये मेरी माँ,

सिंह पे सवारी करके आई मेरी माँ

डोंगनधढ़ की विमले महामाई हो,

भक्त जनो के संग माँ रहना सहाई हो

माँ पार लगाए करुणा बरसाए,

विक्रमादित्य गुण गाये मेरी माँ,

संग में भेरो बजरंगी चले मेरी माँ,

पर्वत वाशनी शारदाः माई हो,

उचे आसान बैठी महामाई हो,

माँ बिगड़ी बनाये माँ भाग जगाये,

आला फूल चढ़ाये मेरी माँ,

संग में भेरो बजरंगी चले मेरी माँ,

जम्मू की माँ वैष्णो रानी हो,

सारे जगत की है रखवाली हो ,

माँ झोली भर्ती माँ दुखड़े हरती,

ध्यानु धान लगाए मेरी माँ,

संग में भेरो बजरंगी चले मेरी माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।