राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,

राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,

राम मिलेगा, राम मिलेगा,

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम ब्रह्म हैं, चिन्मय हैं, अविनाशी हैं,

राम ब्रह्म हैं, चिन्मय हैं, अविनाशी हैं,

सर्वरहित हैं, लेकिन घट-घट वासी हैं,

सर्वरहित हैं, लेकिन घट-घट वासी हैं,

जो ये नाम जपेगा, उसको राम मिलेगा,

जो ये नाम जपेगा, उसको राम मिलेगा..

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम नाम जपते जपते सब कर्म करो जी,

राम नाम जपते जपते सब कर्म करो जी,

राम नाम जपने में न कोई शर्म करो जी,

राम नाम जपने में न कोई शर्म करो जी,

सत्य नाँव पर चढ़ो, साथ में राम चढ़ेगा, हो...

सत्य नाँव पर चढ़ो, साथ में राम चढ़ेगा, हो...

साथ में राम चढ़ेगा, हो... ओ...

सत्य नाँव पर चढ़ो, साथ में राम चढ़ेगा,

नहीं डूबने देगा,

नहीं डूबने देगा, भव नद पार करेगा..

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम नाम में निहित मन्त्र की शक्ति है,

राम नाम में निहित मन्त्र की शक्ति है,

राम नाम जपने से कृपा बरसती है,

राम नाम जपने से कृपा बरसती है,

कृपा वृष्टि में भींगो, कृपा वृष्टि में भींगो, भाई,

कृपा वृष्टि में भींगो, कृपा वृष्टि में भींगो,

कृपा वृष्टि में भींगो, भींगो, भींगो, भींगो,

कृपा वृष्टि में भींगो, मन का मैल धुलेगा,

कृपा वृष्टि में भींगो, मन का मैल धुलेगा,

मैल धुलेगा, नाम भक्ति का रंग चढ़ेगा,

मैल धुलेगा, नाम भक्ति का रंग चढ़ेगा..

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, हो...

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, हो...

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,

राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,

राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, हो...

राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा ..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।