दुनिया को कैसे समजाओ भोला मेरा ग्रेट है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भगतो की अरदास को कभू करता न ये लेट है,

दुनिया को कैसे समजाओ भोला मेरा ग्रेट है,

सारे जग पे नजर है रखता दुनिया की हर बात को रखता,

यु न कहते तिरलोकी ये सारे जग का करता धरता,

बाकि तो सब व्यपारी है ये ही बस इक सेठ है,

दुनिया को कैसे समजाओ भोला मेरा ग्रेट है,

दुनिया दारी छोड़ के बैठा अविनाशी कैलाशी है,

फिर भी रहता कण कण में ये तो घट घट वासी है,

दुनिया का जो भला न चाहे करता मटिया पेट है,

दुनिया को कैसे समजाओ भोला मेरा ग्रेट है,

देवी देव समज न पाए भोले की जो पाया है,

फिर क्या समजे पूर्वी अमन जो इक छोटा सा साया है,

केशव शर्मा की भी सुन लो हम से अब क्यों फैट है ,

दुनिया को कैसे समजाओ भोला मेरा ग्रेट है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।