फागण को मेलो आय गयो रे चालो खाटू नगरिया

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक दो तीन चार, श्याम धणी की जय जयकार ।

खाटू की कर लो तैयारी, बुला रहा है लखदातार ।

आया बाबा का हेला , है श्याम धणी का मेला ,

फागण महीना अलबेला रे ।

खाटू में श्याम रंगीला , सोणा सोणा सजीला ,

है न्यारी इसकी लीला रे ।

सब पे है रखता ये अपनी नजरिया...

फागण को मेलो आय गयो रे चालो खाटू नगरिया ।

श्याम के जैसा देव ना दूजा , घर घर होती इसकी पूजा ,

सोच रहा क्या दूर खड़ा तू , शरण श्याम के तू भी आजा ।

दरबार खाटू में बैठा लगा के , जो चाहे मांग ले तू यहां आके ।

झोली भरे सबकी मेरा सांवरिया ...

फागण को मेलो आय गयो रे चालो खाटू नगरिया ।

फागण मेला अलबेला है , आया बाबा का हेला है ,

तैयारी कर लो खाटू की , ये श्याम धणी का मेला है ।

आया बुलावा तू चूक ना जाना , इस बार तुझको भी खाटू है आना ।

हांथो में लेके निशान केसरिया ....

फागण को मेलो आय गयो रे चालो खाटू नगरिया ।

श्याम कुंड में लगा ले डुबकी , कह दे बातें तू तेरे मन की ,

श्याम है मेरा अन्तर्यामी , दिल की बातें जाने सबकी ।

सेठों का सेठ मेरा श्याम खाटूवाला , हारे का साथी ये देव निराला ,

सौरभ मधुकर कहे बीच बजरिया ...

फागण को मेलो आय गयो रे चालो खाटू नगरिया ।

आया बाबा का हेला , है श्याम धणी का मेला ,

फागण महीना अलबेला रे ।

खाटू में श्याम रंगीला , सोणा सोणा सजीला ,

है न्यारी इसकी लीला रे

सब पे है रखता ये अपनी नजरिया...

फागण को मेलो आय गयो रे चालो खाटू नगरिया ।

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता - मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।