आये नो राते मैया के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आये नो राते मैया के,

पावन नोरातो के दिन आ गए है,

घर आंगन फूलो से मेहका गये है,

नव दुर्गा के आये नवराते

आये नो राते मैया के,

साल में दो बार है आते नवराते,

घर घर में मैया के जगराते,

जगरातों में भेटे सब गा रहे है,

घर आंगन फूलो से मेहका रहे है,

आये नो राते मैया के

सारे जगत में है नो दिन का मेला रे,

चारो तरफ ज्योति का नूर फैला रे,

नर नारी खुशियों से हर्षा रहे है,

घर आंगन फूलो से मेहका रहे है,

आये नो राते मैया के

भक्ति की मस्ती में सब रंग लेते,

नींद को सब अपनी भंग कर लेते है,

माँ का सभी जन दर्श पा रहे है,

घर आंगन फूलो से मेहका रहे है,

आये नो राते मैया के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।