मेरे सिर पे हर दम रहता श्याम धनि का हाथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रखवाला मेरा श्याम धणी मुझे डर ने की क्या बात,

मेरे सिर पे हर दम रहता श्याम धनि का हाथ,

चाहे आये कितनी मुसीबत मैं तो नहीं गबराता हु

हर पल मैं तो संवारिये को अपने पास में पाता हु

दुःख संकट की अब तो देखो है नहीं कोई औकात,

मेरे सिर पे हर दम रहता श्याम धनि का हाथ,

जबसे पकड़ा हाथ मेरा मैं मस्त मगन में रहता हु

खुशिया ही खुशिया जीवन में श्याम श्याम मैं कहता हु,

होली और दीवाली मेरी अब तो है बारो माह,

मेरे सिर पे हर दम रहता श्याम धनि का हाथ,

तेरे भगत का तुमसे कहना साथ कभी ये छूटे न,

दुनिया चाहे रूठे सारी श्याम कभी तू रूठे न,

चरणों में तेरे सुनील दया की अब है ये अरदास,

मेरे सिर पे हर दम रहता श्याम धनि का हाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।