फिरंगन खाटू में चाली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हीरा अमरीका से मंगवाई सोने के मुकट में श्याम जड़ाई,

श्याम तेरा सतरंगी निशान स्पे सारे लन्दन से बनवाये,

सारी दुनिया में गूंजे है जय श्री श्याम तेरो ही नाम,

इंडिया का वीजा बनवाई लंदन से जयपुर तक आई,

फिरंगन खाटू में चाली श्याम के मेले में चाली,

रिंग्स में श्री श्याम प्रेमियों का देखा अजब नजारा,

भगता की टोली में गूंजे श्याम नाम जैकारा,

लेके हाथा में निशान करके श्याम धनि का धयान,

इंडिया का वीजा बनवाई लंदन से जयपुर तक आई,

फिरंगन खाटू में चाली श्याम के मेले में चाली,

साँविरया के भजन में रम गई लाज लुटती ताली,

तोरण द्वार पे शीश झुका के श्याम से प्रेत बना ली,

देख खाटू नगरी की शान फिरंगन करे श्याम गुणगान,

इंडिया का वीजा बनवाई लंदन से जयपुर तक आई,

फिरंगन खाटू में चाली श्याम के मेले में चाली,

रूप सलोना दर्शन करके बाबा ने यु बोली,

हर्ष प्रीत कब श्याम धनि के संग मैं खेलु होली,

खाटू नगरी बड़ी महान जिथे विराजे है घनश्याम,

इंडिया का वीजा बनवाई लंदन से जयपुर तक आई,

फिरंगन खाटू में चाली श्याम के मेले में चाली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।