जलवा है मेरे श्याम धनि का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जलवा है जलवा है जलवा है मेरे श्याम धनि का,

श्याम धनि है मेरे खाटू के राजा दूजा कोई और नहीं,

जलवा है जलवा है जलवा है

रूप तुम्हारा तो दिल में मेरे समाया है,

बड़े नसीबो से ऐसा नसीब पाया है,

मेरे दिलबर मेरे जानी मैं चक्र तू मेरा स्वामी,

तू दाता गम के मारो का सहारा बेसहारो का,

चरण पावन न छोड़ू गी सबो से मुँह मैं मोडू गी

प्रभु जी मेरी लाज लखना किसी का न मोहताज न रखना,

ज़मीन अस्मा है तुम्हरा सारा जहां है तुम्हरा सारी जहां में तेरा भजता है डंका,

श्याम धनि है मेरे खाटू के राजा दूजा कोई और नहीं,

जलवा है जलवा है जलवा है

तेरे दरबार की हर बात निराली है,

मेरे जीवन की बगियन का मेरा श्याम माली है,

जो खाटू इक बार जाता किरपा वो श्याम की पाता,

है सच्चा देव कलयुग में बिगड़ी किस्मत बनाता है,

न पल की देर करता ये,

नंगे पैरो ही आता है तेरे नाम से मेरी पहचान प्यारे,

ये पलता है परिवार तेरे सहारे लगता है कश्ती को तू ही किनारे ,

सारे जहां में तेरा भजता है डंका ,

श्याम धनि है मेरे खाटू के राजा दूजा कोई और नहीं,

जलवा है जलवा है जलवा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।