रंगा दी बहार होली आयी है | होली भजन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रंगा दी बहार होली आयी है -२

शावा होली आयी है, बल्ले होली आयी है -२

फुल्ला दी बहार होली आयी है -२

नन्द गांव दा सोहणा मंदर, निकले श्याम मुरारी -२

बरसाने दी गालिया विचो आ गयी राधा प्यारी, की होली आयी है ,रंगा...

कान्हा मेरा होली खेले हाथ विच फड़ पिचकारी -२

गोरी गोरी राधा उत्ते श्याम ने मारी पिचकारी, की होली आयी है ,रंगा...

कान्हा मेरा होली खेले मुख विच भरके रंग -२

देख श्याम दी होली नु सब हो गए मस्त मलंग, की होली आयी है ,रंगा...

जदो श्याम मेरा होली खेले झूम उठे जग सारा -२

सूरज तक्के चंदा तक्के, तक्के इक इक तारा,की होली आयी है ,रंगा...

देख श्याम दी होली नु भोले नु चढ़ गया रंग,

घोट घोट के मस्ती दे विच पी गए सारी भंग, की होली आयी है ,रंगा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।