झूला झूलन आ गई भवानी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

झूले मोरी मैया झुलावे जोगणियां देखो गगन लाली छाई माँ

झूला झूलन आ गई भवानी झूला झूलन आ गई माँ,

कोना झूले को न झुलावे को न मंगल गावे माँ,

कौन करे माँ तोरी वंदना देव सुमन बरसाए माँ ,

झूला झूलन आ गई भवानी झूला झूलन आ गई माँ,

मैया झूले लंगरे झुलावे सखियाँ मंगल गावे माँ,

तीनो लोक तेरी करे वंदना जय जय कार लगाए माँ,

झूला झूलन आ गई भवानी झूला झूलन आ गई माँ,

भेरो बजरंगी छवर डुलावे धानु ध्यान लगावे माँ,

देव दनुज करे माँ वंदना हर्ष हर्ष गुण गाये माँ,

झूला झूलन आ गई भवानी झूला झूलन आ गई माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।