ग्यारस के दिन माल लुटावे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस के दिन माल लुटावे सांवरिया सरकार,

ओ वनवारे चल सांवरिया के दरबार,

लेके निशान प्यारे खाटू में जाना जाके प्रभु को अपनी अर्जी सुनाना,

इक बार में ही तेरी अर्जी कर लेंगे स्वीकार,

ओ वनवारे चल सांवरिया के दरबार,

अर्जी को पढ़ के बाबा कष्ट मिटाये गे,

ज़मी से उठा के तुझको गले से लगाए गे,

इक पल देर करे न संवारा भर देगा भण्डार,

ओ वनवारे चल सांवरिया के दरबार,

जो भी गया है दर पे बन के सवाली.

लौट के आया जब भी झोली न थी खाली,

उसका हाथ पकड़ लिया उस ने होती न उसकी हार ,

ओ वनवारे चल सांवरिया के दरबार,

रविंदर ने अर्जी दर पे जब जब लगाई,

इक पल देर न की करदी सुनाई,

हारो को ये देता सहारा नीले का असवार,

ओ वनवारे चल सांवरिया के दरबार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।