तेरा हर पल दिन और रात ओ बाबा शुक्र करूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शुक्र करूँ तेरा शुक्र करूँ

तेरा हर पल दिन और रात ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरी बानी रही जी बात ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरे बदल गए हालात ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरी बन गई बिगड़ी बात ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरी सुन ली तू अरदास ओ बाबा शुक्र करूँ

हो भक्तों के सरताज ओ बाबा शुक्र करूँ

काट गई अंदरि रात ओ बाबा शुक्र करूँ

हुई अमृत की बरसात ओ बाबा शुक्र करूँ

जय जय तेरी श्याम जय जय बाबा श्याम

प्यारा दिया परिवार ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरा जीत लिया विश्वास ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरे अंग संग बस हो आप ओ बाबा शुक्र करूँ

जन्मों की बुझ गई प्यास ओ बाबा शुक्र करूँ

तेरे नाम हुई हर सांस ओ बाबा शुक्र करूँ

तूने हर पल दिया मेरा साथ ओ बाबा शुक्र करूँ

खाली ना गई दरख्वास्त ओ बाबा शुक्र करूँ

सरकारों के सर्कार ओ बाबा शुक्र करूँ

कीर्तन करवाया आज ओ बाबा शुक्र करूँ

बाबा घर आये आज ओ बाबा शुक्र करूँ

जागे सोये हुए भाग ओ बाबा शुक्र करूँ

जो खाये तेरा प्रसाद कहे तेरा शुक्र करूँ

तेरा प्यारा लगे दरबार ओ बाबा शुक्र करूँ

तूने इतने किये उपकार ओ बाबा शुक्र करूँ

तूने दर पे बुलाया आज ओ बाबा शुक्र करूँ

तेरा दर आया मुझे रास ओ बाबा शुक्र करूँ

जय जय तेरी श्याम जय जय बाबा श्याम

रोते को हंसाया आजा ओ बाबा शुक्र करूँ

दिए प्यारे से लम्हात ओ बाबा शुक्र करूँ

मिली सुखों की सौगात ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरी रख ली तूने बात ओ बाबा शुक्र करूँ

मुझे आपसे कहना है आज ओ बाबा शुक्र करूँ

अब बस में नहीं जज़्बात ओ बाबा शुक्र करूँ

मेरी अँखियाँ नम हैं आज ओ बाबा शुक्र करूँ

आई सुखों वाली रात ओ बाबा शुक्र करूँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।